सुबह


 



सूरज की पहली किरण के साथ,

उठो तुम भी, हो जाओ साथ।

अंबर में फैले रंग नए,

हर दिन में छुपे संग नए।


चलो बढ़ाएं कदम आगे,

सपनों को फिर से सजाएं आगे।

हवा में गूँजे ताजगी की बात,

नई उमंगों की हो बरसात।


मंजिलें बुला रही हैं तुम्हें,

राहें भी सजा रही हैं तुम्हें।

हो जोश में हर साँस तुम्हारी,

चमके दिन की ये दुनिया प्यारी।


उठो, मुस्कुराओ, चलो नई राह,

आज तुम्हारा, बस तु

म्हारा दिन खास।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बात

सभ्य समाज में लोगों का शिष्टाचार और व्यवहार