भाईचारे का बंधन

 


दो भाई हैं, साथ खड़े,

हर मुश्किल में संग बड़े।

हँसी में बाँटें हर पल को,

दुख में आँसू संग गिरे।


छोटा हो या बड़ा कोई,

प्यार में कोई भेद नहीं,

सपनों को पंख दे दोनों,

हाथों में हो स्नेह वही।


बचपन की यादें संजोए,

माँ की ममता, पापा का प्यार,

झगड़े-मनमुटाव कभी हो,

पर दिल में रहता अपनापन सार।


साथ चलें जब राह कठिन,


एक-दूसरे को हौंसला दें,

हर जीत में दोनों हँसें,

हर हार में मिलकर हिम्मत लें।


खून का रिश्ता हो अनमोल,

मन का हो बंधन सच्चा,

दो भाईयों का यह जो रिश्ता,

दुनिया का सबसे प्यारा रिश्ता।

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